मुंबई
नाना पाटेकर का वास्तविक नाम विश्वनाथ पाटेकर है। उनका जन्म 1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के मुरुड-जंजीरा में हुआ। अभिनय के साथ-साथ वे लेखक और फिल्म निर्देशक के रूप में भी अपनी पहचान बना चुके हैं।
नाना पाटेकर ने 1970 के दशक की शुरुआत में अभिनय की दुनिया में कदम रखा। अपनी दमदार आवाज, प्रभावशाली संवाद अदायगी और सहज लेकिन गहरे अभिनय के कारण उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा में अलग पहचान बनाई।
‘परिंदा’, ‘अंगार’, ‘प्रहार’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अब तक छप्पन’, ‘राजनीति’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा। ‘क्रांतिवीर’ में उनके अभिनय के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार सहित कई सम्मान मिले।
नाना पाटेकर को 2013 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया। वे फिल्मफेयर में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता और सर्वश्रेष्ठ खलनायक—तीनों श्रेणियों में पुरस्कार प्राप्त करने वाले कलाकार के रूप में भी उल्लेखित हैं।
अभिनय के अलावा सामाजिक कार्यों से भी उनका नाम जुड़ा रहा है। 2015 में उन्होंने अभिनेता मकरंद अनासपुरे के साथ नाम फाउंडेशन की स्थापना की, जो महाराष्ट्र में किसानों और सूखा प्रभावित क्षेत्रों की सहायता से जुड़े कार्य करता है।
नाना पाटेकर का जीवन संघर्ष, कला, अनुशासन और सामाजिक संवेदनशीलता के मेल का उदाहरण माना जाता है। रंगमंच से लेकर बड़े पर्दे तक उन्होंने अपने अभिनय की अलग छाप छोड़ी है।
भारत के सिनेमा जगत में नाना पाटेकर का योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा।




